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हार्ट अटैक के लक्षण, कारण, बचाव और फर्स्ट एड
Wednesday, 20 Jun 2018 05:29 am
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आज के भौतिकतावादी युग में हार्ट अटैक (दिल का दौरा) पड़ने की घटनाएँ अत्यंत सामान्य हैं। इसके बावजूद हममें से ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि जब खुद को या अपने किसी प्रियजन को अचानक हार्ट अटैक पड़े तो क्या किया जाए, हार्ट अटैक के लक्षण क्या है ? देखा यह गया है कि जब किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक पड़ता है तब खुद उससे या उसके परिवारवालों से घबराहट में या अनजाने में ऐसी गलतियाँ हो जाती हैं जिससे मौत उसके और भी करीब आ पहुँचती है। आज जब हार्ट अटैक सबसे ज्यादा मौतों का कारण बन चुका है, इसलिए हमारे लिए यह जानना आवश्यक है कि हार्ट अटैक क्या है? हार्ट अटैक पड़ने पर क्या किया जाए और हार्ट अटैक के बाद क्या सावधानियां बरती जाएँ ?

आम तौर पर ज्यादातर लोग दिल के दौरे की सही पहचान नहीं कर पाते हैं। उसे अपच, पेट में गैस या एसिडिटी समझकर मरीज को सामान्य फिजिशियन के पास ले जाते हैं, जिससे इस बीच बहुत कीमती वक्त की बरबादी होती है और मरीज के लिए खतरा और भी बढ़ जाता है। लगभग 80 प्रतिशत मरीज हृदय रोग चिकित्सक के पास तब पहुँचते हैं, जब हार्ट अटैक के कारण हृदय को काफी नुकसान पहुँच चुका होता है। दिल का गंभीर दौरा पड़ने की ज्यादातर स्थितियों में एक घंटे के अंदर ही मरीज की मौत होने की आशंका रहती है और अगर इस दौरान मरीज को हृदय चिकित्सा की आधुनिकतम सुविधाओं वाले अस्पताल पहुँचा दिया जाए तो उसकी जान आसानी से बच सकती है। मरीज को अस्पताल पहुँचने तक जीवन-रक्षक दवाइयाँ और छाती की मालिश एवं कृत्रिम सांस यानि (Cardiopulmonary resuscitation) जैसे प्राथमिक उपचार मिल सकें तो मरीज की जान बचने की संभावना बहुत अधिक होती है। लेकिन हार्ट अटैक के प्राथमिक उपचार के बारे में लोगों में अज्ञानता एवं जागरूकता के आभाव के कारण मरीज के सगे-संबंधी भी मरीज की मदद नहीं कर पाते हैं ।

इस पोस्ट में इन्ही सब बातो का ख्याल रखते हुए हम निम्नलिखित जानकारियां देंगे :

  1. सबसे पहले यह जानेंगे की दिल का दौरा क्या है ?

  2. हार्ट अटैक के लक्षण क्या होते है ?

  3. हार्ट अटैक पड़ने पर क्या करें ?

  4. दिल का दौरा पड़ने पर जब मरीज होश में हो तो कैसे प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) दें ?

  5. हार्ट अटैक का मरीज जब होश में ना हो तो कैसे प्राथमिक चिकित्सा दें ?

  6. हार्ट अटैक पड़ने पर क्या ना करें ?

  7. हार्ट अटैक से बचने के उपाय क्या है ?

  8. हार्ट अटैक के मरीज का अस्पताल में क्या इलाज होगा ?

आइये सबसे पहले जानते हैं की हार्ट अटैक क्या है ?

हार्ट अटैक के लक्षण :

हार्ट अटैक या दिल का दौरा पड़ने पर क्या करें :

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मरीज अगर होशोहवास में हो तो जल्द ही एस्प्रीन या कोई अन्य एनॉलजेसिक दवाई की एक या दो गोलियाँ मरीज की जीभ के नीचे रख देने से मरीज को दर्द से राहत मिलती है तथा मरीज की एंग्जाइटी घटती है। हार्ट अटैक के दौरान फर्स्ट ऐड के लिए एस्प्रीन देने की पुष्टि कई हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologists), प्रतिष्ठित वेबसाइट और अख़बार करते है जिनके स्रोत हम नीचे दे रहे है | लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है की आप हर रोज इसका प्रयोग अपनी मर्जी से लम्बे समय तक बिना डॉक्टरी सलाह के करें |

हार्ट अटैक का शिकार मरीज जब होश में हो तो ये कदम उठाए :

हार्ट अटैक का मरीज अगर होश में ना हो, बेहोश हो तो ये करें  :

 मरीज को सांस देना

हार्ट अटैक पड़ने पर क्या नहीं करना चाहिए :

हार्ट अटैक से बचने के उपाय :

हार्ट अटैक के मरीज का अस्पताल में इलाज कैसे शुरू होगा :

एस्प्रीन दवा हार्ट के मरीजो के लिए क्यों मानी जाती उपयोगी :

इस जानकारी से आप किसी की जान इमरजेंसी हालात में बचा सकते है| ह्रदय रोगों से बचाव और अन्य खानपान से जुडी जानकारी पर भी हमने काफी पोस्ट पब्लिश किये है, उनको भी आप जरुर पढ़ें और स्वस्थ जीवन शैली अपनाए तथा अपने आपको तथा अपने सगे सम्बन्धियों को दिल के रोगों से बचाए