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मानसिक तनाव के कारण और लक्षण ,बचने के उपाय

मानसिक तनाव , टेंशन Stress थोड़ा बहुत सभी को होता है पर जब यह अधिक हो जाता है तो इससे गंभीर मानसिक और शारीरिक नुकसान होने लगते है।आजकल की भागदौड़ और कशमकश भरी जिंदगी में पता ही नहीं चलता की तनाव कब हम पर हावी हो जाता है।तनाव के लक्षण और कारण को पहचान कर तथा उसके अनुसार कुछ परिवर्तन लाकर इससे होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

जब भी खतरे का अहसास होता है तो हमारे शरीर में कुछ विशेष प्रकार के हार्मोन एड्रेनलिन और कोर्टिसोल का स्राव होता है। ये हार्मोन शरीर में किसी भी प्रकार के खतरे से बचने के लिए अलग प्रकार की ताकत पैदा कर देते है।

इन हार्मोन के कारण ह्रदय की धड़कन बढ़ जाती है , मांसपेशियाँ भिंच जाती है। ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। साँस तेज हो जाती है। इन्द्रियों की शक्ति बढ़ जाती है। हमें परेशानी में पाते ही एड्रेनलिन और कोर्टिसोल हार्मोन अपना काम करना शुरू कर देते है।

मंच पर पहली बार कुछ बोलना हो या इंटरव्यू हो तब stress के कारण ऐसा हो सकता है। इस प्रकार की साधारण स्थितियों में भी शरीर में ऐसे परिवर्तन होने लगते है जैसे जान का खतरा हो।

मानसिक तनाव के प्रमुख कारण

1. मानसिक तनाव बढ़ने के प्रमुख कारणों में आप जो चाहते हैं वह न होना, भय, चिंता, जलन , क्रोध, आर्थिक समस्या, व्यापार में हानि, मुकदमेबाजी में उलझना, गृह कलह, दांपत्य जीवन में दरार, हीन भावनाएं, अंतर्द्धद्ध, काम का बोझ बढ़ना, घर में पारिवारिक समस्याएं आदि होते हैं।

2. जब हमारे मन को दो विभिन्न प्रकार की इच्छाएं, आवेश या प्रवृत्तियां परस्पर विरोधी दिशाओं में खींचे, तो अंतर्द्धद्ध एवं मानसिक तनाव पैदा होता है।

3. नकारात्मक सोच तनाव का सबसे बड़े कारणों में से एक है : यूनान के चिकित्साशास्त्री लुकमान ने लिखा है कि संसार में कोई रोग ऐसा नहीं है, जिसकी प्रकृति ने औषधि पैदा नहीं की हो। सिर्फ एक ही रोग असाध्य है और वो है रोगी की नकारात्मक सोच कि उसका उपचार नहीं हो पाएगा। ऐसा व्यक्ति न उपचारक की सलाह मानता है, न उसके बताए उपायों पर अमल करता है और न ही वे सावधानियाँ अपनाता है जो रोग को दूर करने में सहायक हो सकती हैं।

मानसिक तनाव से बचने के उपाय

मानसिक तनाव बचपन से लेकर बुढ़ापे तक पीछा नहीं छोड़ता है :

मानसिक तनाव के व्यक्तिगत कारणों में सबसे बड़ा कारण वातावरण है; ऐसा वातावरण, जिसमें कोई व्यक्ति रहता है। परिवार में घुटन का वातावरण मिलने पर कोई व्यक्ति बचपन से ही मानसिक तनाव अथवा हीनभावना का शिकार हो सकता है। बचपन में उत्पन्न यह तनाव बुढ़ापे तक पीछा नहीं छोड़ता। ऐसा व्यक्ति जटिल मानसिक एवं शारीरिक रोगों से ग्रस्त रहता है और मरते दम तक कष्टदायक रोगों से जूझता रहता है। मान लीजिए किसी परिवार का मुखिया खराब स्वभाव का है, वह अपने बच्चों या किसी एक बच्चे से निरंतर कठोर व्यवहार करता रहता है, प्रेम का व्यवहार करता ही नहीं, बच्चे की भावनाओ को महत्व नहीं देता, उनकी उपेक्षा करता है, मारता-पीटता है, अपशब्द कहता है तो निश्चित ही ऐसे परिवार में रहनेवाला बालक हीनभावना से ग्रस्त हो जाएगा। उसके हृदय में डर बैठ जाएगा। वह खुलकर बात करने से कतराने लगेगा। बड़ों का सामना करने से बचना चाहेगा। बच्चों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार कीजिए : नहीं तो ऐसा बालक दिल की धड़कन, घबराहट, आत्म विश्वास की कमी, अनिद्रा, से संबंधित रोगों से ग्रस्त हो सकता है।

1. भविष्य की चिंता में डूबे न रहें।

2. किसी भी कार्य को टालने की प्रवृत्ति न बनाएं।

3. अपने मित्रों, रिश्तेदारों से बड़ी-बड़ी आशाएं न लगाएं।

4. रोने के मौकों पर अपने आंसू न रोकें।

5. क्रोध न करें और न ही उसे दबा कर रखें।

6. जिन्हें जरा-जरा सी बात में क्रोध आ जाता है, उनका मस्तिष्क अकसर तनाव की स्थिति में बना रहता है। ऐसे व्यक्तियों को अपने क्रोध पर काबू पाने का उपाय करते रहना चाहिए। 

7. आन्तरिक विद्वेष की भावना पनपने से स्वयं को बचाएं। इससे तनाव तो होगा ही, साथ ही आपके अंदर अच्छी सोच में भी कमी आयेगी

8. नींद की कमी मानसिक तनाव के कारण हो सकती है , और मानसिक तनाव भी नींद की कमी से हो सकता है| तनाव के सम्बंध में नींद का बहुत महत्त्व है | प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क में एक छोटी-सी ग्रंथि होती है, जिसे चिकित्साविज्ञान की भाषा में मेलाटॉनिन (Melatonin) कहा जाता है। यह ग्रंथि अँधेरे में सक्रिय होती है और एक ऐसा हार्मोन उत्पन्न करती है, जो नींद लाने में सहायक होता है ध्यान रखें- सोने से पहले अपने कमरे की बत्तियाँ बुझा दें। हमेशा अँधेरे में सोने की आदत डालें।

9. विशेषज्ञों का विचार है कि मानसिक तनाव से ग्रस्त रोगी का इलाज दवाओं से भी किया जा सकता है। ऐसे रोगी साइकोथेरॉपी से भी स्वास्थ्यलाभ कर सकते हैं और इलाज की आधुनिकतम शैली अर्थात् बिहेवियर थेरॉपी है से भी स्वस्थ हो सकते हैं। किंतु सबसे बेहतर और सबसे कारगर उपाय रोगग्रस्त व्यक्ति का स्वयं अपना इलाज आप करने में है। प्रत्येक व्यक्ति को यह जानना चाहिए कि तनावग्रस्त होने की स्थिति में उससे छुटकारा पाने के लिए उसे क्या करना चाहिए। जब तक वह यह नहीं जानेगा, तनाव से मुक्त नहीं हो सकेगा।

10. योगासन और ध्यान

देश विदेश में योगासन और मैडिटेशन की मदद से बहुत से लोग अपना तनाव दूर कर रहे है। यह बहुत कारगर सिद्ध होता है। किसी अनुभवी व्यक्ति से योगासन और मैडिटेशन सीखकर इसका अभ्यास करने से अवश्य लाभ मिलता है।

 

 

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