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कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018: कांग्रेस का आखिरी किला ध्वस्त हुआ ,मोदी लहर में

कर्नाटक चुनाव में  कांग्रेस को अपना सबसे मजबूत किला  ढ़हते हुए देखना पड़ रहा है|और बीजेपी को मिलती दिख रही जीत से एक बार फिर से यह साफ हो गया है| कि चार साल बाद भी मोदी लहर कम नहीं हुई है| नरेंद्र मोदी की लहर बीजेपी को 2014 में केन्द्र की सत्ता सौंपने के बाद भी कायम है| देश के 29 राज्यों में से 21 राज्यों पर बीजेपी सत्ता पर काबिज होने जा रही है |यानी 21वां राज्य कर्नाटक भी अब बीजेपी के पास जा रहा है| एक बार फिर मोदी लहर ने कमाल दिखाया है |

कांग्रेस को यह शिकस्त कर्नाटक के उन सभी छह राजनीतिक जोन में मिली है, जिनमें से कम से कम तीन जोन को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है| मंगलवार दोपहर तक वोटों की गिनती और रुझानों से साफ है| कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है| बीजेपी लगभग 121 सीटों पर जीत की दिशा में आगे है |

 क्यों अहम है मोदी लहर बीजेपी की इस जीत के लिए?

 

कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी की कमान राहुल गांधी को मिलने के बाद हुए ये चुनाव बेहद अहम था| सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी| नए अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाला पहला चुनाव किसी भी कीमत पर जीता जाए| यही वजह रही कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फरवरी 2018 में ही कर्नाटक चुनाव प्रचार का बिगुल फूंक दिया था| फरवरी से लेकर मई तक राहुल गांधी ने राज्य की 222 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया|

तीन दर्जन से अधिक रैलियां और सैकड़ों कॉर्नर मीटिंग के जरिए राहुल गांधी ने बीजेपी के लिए कर्नाटक को सबसे मुश्किल चुनाव में तब्दील कर दिया| राहुल गांधी के इस आक्रामक तेवर के उलट बीजेपी ने पोलिंग से महज 12 दिन पहले एक मई को प्रधानमंत्री का कर्नाटक दौरा रखा| एक मई से 12 मई तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य का तूफानी दौरा किया और करीब दो दर्जन रैलियों को संबोधित किया|

सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री से ये पांच सवाल क्षेत्रीयता की राजनीति पर पूछे, लेकिन कर्नाटक की जनता ने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया| नतीजा अब देश के सामने है, कर्नाटक की जनता पर भी प्रधानमंत्री मोदी का जादू चल गया और उसने सत्तारूढ़ कांग्रेस को बेदखल करते हुए कमान बीजेपी के हाथ में सौंप दी है|

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