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The Theory of Everything (Stephen Hawking) | Last Speech

आज हम बात करेंगे दुनिया के महान रहस्य को बताने वाले बैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के बारे में ! लकवा ग्रस्त होने के बाद भी 76 साल के स्टीफन ने विज्ञानं ही नहीं बल्कि जिंदगी को भी कई नयी परिभाषाये दी कौन थे स्टीफन?? प्रोफेसर स्टीफन विलियम हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1 9 42 (इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड में गैलेलियो की मृत्यु के 300 साल बाद) में हुआ था। उनके माता पिता फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग थे। बचपन से ही हॉकिंग असीम बुद्धिमत्ता से भरे हुए थे जो लोगो को चौका देती थी । हॉकिंग अपने पिता फ्रेंक द्वारा लिए एक दत्तक पुत्र और अपनी दो बहनों में सबसे बड़े थे।उनके पिता डॉक्टर थे और माँ एक हाउस वाइफ थीं। स्टीफन हॉकिंग की बुद्धि का परिचय इसी बात से लगाया जा सकता है की बचपन में लोग उन्हें “आइंस्टीन” कह के पुकारते थे। सन 1995 में उनकी पहली पत्नी जेन वाइल्ड ने उन्हें तलाक दे दिया और हॉकिंग की दूसरी शादी हुई इलियाना मेसन से जिन्होंने उन्हें 2006 में तलाक दिया। हॉकिंग का IQ 160 है जो किसी जीनियस से भी कहीं ज्यादाहै। 2007 में उन्होंने अंतरिक्ष की सैर भी की । जिसमे वो शारीरिक तौर पे “फिट “ पाए गए। आज उन्हें भौतिकी के छोटे बड़े कुल 12 पुरस्कारों से नवाज़ा जा चूका है| Stephen Hawking’s famous Books:- A Brief History of Time' The Universe in a Nutshell’ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को बताया खतरा बीबीसी न्यूज को 2014 में दिए गए एक साक्षात्कार में हॉकिंग ने चेतावनी दी थी कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और सोचने वाली मशीनों के कारण मानव जाति का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। पिछले साल ‘वायर्ड’ पत्रिका को उन्होंने बताया था कि एआई अंत में एक ऐसे स्तर पर पहुंच जाएगा जहां यह इंसानों को पीछे छोड़ देगा। अगर लोग कंप्यूटर वायरस डिजाइन कर सकते हैं तो कोई भविष्य में ऐसे एआई डिजाइन कर सकता है जो खुद में खुद ही सुधार कर सके और अपनी प्रतिकृति बना सके। जलवायु परिवर्तन पर चेतावनी जलवायु परिवर्तन के कारण वर्ष 2600 तक धरती आग के गोले में तब्दील हो जाएगी और तब मानव सभ्यता का अंत हो जाएगा। इसके मद्देनजर उनका मानना था कि इनसानों को अगर अगले 10 लाख साल तक अपना अस्तित्व बचाए रखना है तो उसे 100 साल के अंदर दूसरे ग्रहों पर उपनिवेश बनाने की जरूरत पड़ेगी। एलियंस से संपर्क की जरूरत नहीं वर्ष 2010 में अपने एक व्याख्यान में उन्होंने स्पष्ट किया था कि ब्रह्मांड जितना बड़ा है, उसके अनुसार एलियंस यानी परग्रहवासियों के अस्तित्व को नकारा नहीं जा सकता। लेकिन वे उनसे संपर्क करने के खिलाफ थे क्योंकि ऐसा करने से एलियंस द्वारा धरती से संसाधनों को लूटने की कोशिश की जा सकती है। धर्म नहीं विज्ञान हुआ है सफल उन्होंने खुद को हमेशा धर्म से अलग बताया। उनका दावा था कि धर्म जहां किसी शासन की तरह काम करता है वहीं विज्ञान तर्क पर आधारित है। यही वजह है कि धर्म के मुकाबले विज्ञान ज्यादा सफल है। उन्होंने ईश्वर के अस्तित्व को भी नकारा था और वर्ष 2014 में खुद को खुले तौर पर नास्तिक घोषित कर दिया था। फिर भी नहीं मिला नोबेल पुरस्कार ब्रह्मांड के रहस्यों पर से पर्दा उठाने के बावजूद हॉकिंग को कभी नोबेल पुरस्कार नहीं मिला। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि उन्होंने जो कुछ भी किया वह सैद्धांतिक रूप से तो साबित किया जा सकता है लेकिन उसका कोई अनुभवजन्य साक्ष्य अब तक हासिल नहीं किया जा सका है। स्टीफन हॉकिंग की मर्त्यु 14 March 2018 को Cambridge, United किंगडम में हुई हमारी यही दुआ है, स्टीफन हाकिंग जैसे बैज्ञानिक हमेशा हमारे बीच यादो में जिन्दा रहे |

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